Should i bath before paushadh
63
हाँ, पौषध प्रारम्भ करते समय साफ-सफाई और स्नान करना उचित माना जाता है. पौषध एक शुद्धिकरण-योग्य अभ्यास है जहाँ श्रावक-श्राविका साधु-साध्वी के जैसे आचरण धारण करते हैं, इसलिए पहले शरीर-स्थान की शुद्धि रखना ठीक रहता है. साथ ही घर/आश्रय भी साफ कर लेना चाहिए ताकि वातावरण शांत और पवित्र रहे. कुछ अनुशंसाओं के अनुसार पौषध शुरू करने से पहले स्थान, वस्त्र, और आसन आदि की अच्छी जाँच भी करनी चाहिए ताकि अशुद्धता से बचा जा सके.
ध्यान दें:
- पौषध दोनों श्वेताम्बर और Digambar परंपराओं में प्रसिद्ध है, पर पारंपरिक विधियाँ थोड़ा-बहुत जगह-पर-प्रकार भिन्न हो सकती हैं. कुल मिलाकर शुद्धता, संयम और कम केन्द्रित बोलचाल को महत्व दिया जाता है.
- पौषध के दोष (त्रुटियाँ) से बचना भी महत्वपूर्ण माना गया है, ताकि व्रत का सही लाभ मिले.
आप इस विषय पर अधिक संक्षेप और प्रचलित विधियाँ पढ़ना चाहें तो आप नीचे दी गई JainKnowledge साइट की स्पष्ट जानकारी देख सकते हैं: