आचार्य भद्रबाहु सूरी ने कितने ग्रंथ की रचना की?
आचार्य भद्रबाहु सूरी ने Śvetāmbara प्रकार के अनुसार नीचे लिखित 16 ग्रंथ रचे माने जाते हैं:
- कल्पसूत्र (Kalpa Sūtra)
- चार चेड़्दा सूत्र (Chedda Sutras) — 4 ग्रंथ
- दश निःयुक्ति (Niryukti) — कुल 10 ग्रंथ
- उज्वास्सगहारम स्तोत्र (Uvasaggaharam Stotra)
कुल मिलाकर: 1 + 4 + 10 + 1 = 16 ग्रंथ। ध्यान दें कि Digambara परंपरा में Kalpa Sūtra को मानक प्रमाणिक ग्रंथ के रूप में नहीं गिना जाता; Śvetāmbara परंपरा इसे bhadrabahu का लेखन मानती है और अन्य नiryukti/सूत्रों सहित इसे उनकी रचना बताती है। ( en.wikipedia.org)
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