व्यंतरो के निवास स्थान
व्यंतरो (Vyantaras) Jain धर्मशास्त्रों में एक विशिष्ट दिव्य-जीवों का समूह है, जो पृथ्वी के ऊपर-नीचे के लोकेशन के बीच विचरल (peripatetic) रहते हैं।
- मुख्य निवास स्थान: मध्यम लोक (Madhya Loka) के नीचे, पृथ्वी-आकाश के बीच स्थित स्थानों में। वे पत्थरों, जंगलों या antara (बीच के जगह) में निवास करते हैं और मनुष्यों की सहायता या आशीर्वाद के लिए घुमते रहते हैं। ( jainqq.org, jainknowledge.com)
- वे किस प्रकार के देव/जीव हैं: Vyantar देवों में आठ वर्ग माने जाते हैं—Pisacha, Bhuta, Yaksha, Rakshasa, Kinnara, Kimpurusha, Mahoraga, Gandharva। इनमें से कुछ उपस्थिति में विचर सकते हैं और कभी-कभी मनुष्यों से जुड़कर उनकी सहायता या भय पैदा करते हैं। ( jainqq.org)
- Digambar/Shwetambar में भिन्न-भिन्न अर्थ: दोनों परंपराओं में व्यंतरो की भूमिका और वर्ग लगभग समान हैं; जगह-स्थान और वर्गों पर प्रमुख धर्म-साहित्य में एक जैसी धारणा है, पर कुछ छोटे विवरण पाठ-संस्करणों में भिन्न हो सकते हैं। (विस्तार अलग-अलग ग्रंथों में मिलते हैं, पर मूल विचार नहीं बदलता।) ( jainknowledge.com)
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