provide tikhutho in hindi
Tikhutto (Tikkhutto) Sutra के Hindi में विवरण नीचे है।
1) मूल Prakrit पाठ (Devanagari में) तिक्खुत्तो: आयाहिणं, पयाहिणं, करेमि, वंदामि, नमंसामि, सक्कारेमि, सम्माणेमि; कल्लाणं, मंगलं, देवियं, चेइयं; पज्जुवासामि, मथ्थएण वंदामि।
2) हिंदी अर्थ ( Arth )
- मैं अपने परिचय में तीन बार हाथ मोड़कर (घुमाकर) पूजा करता/करती हूँ, मैं वंदन करता/करती हूँ, मैं सम्मान देता/देती हूँ।
- आप Auspicious और कृपाल, Divine और venerable हैं।
- मैं सेवा करता/करती हूँ और अपने सिर को झुकाकर प्रणाम करता/करती हूँ।
3) संस्कारिक संदर्भ (Digambar बनाम Shvetambar)
- श्वेतांबर (Śvetāmbara) परंपरा में यह पाठ साधक या गुरु के समक्ष प्रणाम-उपस्थिति के समय सामान्य रूप से बोला जाता है, खासकर प्राकृत पाठों के साथ।
- digambar परंपरा में यह sutra सामान्य रूप से मानक liturgy का भाग नहीं माना जाता; उनके गुरु-वंदन के लिए अन्य पाठ प्रचलित होते हैं।
4) ध्यान देने योग्य बिंदु
- Tikhuto का पाठ प्राकृत में है और इसे क्षमा माँगने, नम्रता दिखाने और सभी जीवों के प्रति मैत्री भाव बनाने के लिए पढ़ा जाता है—खासकर प्राक/calendar प्रेयर/Pratikraman के समय।
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