सम्यक का अर्थ
“सम्यक” एक बहुत ही महत्वपूर्ण जैन शब्द है।
सरल अर्थ
- “सम्यक” = सही, यथार्थ, शुद्ध, उचित
- यानी जैसा वस्तु/तत्त्व वास्तव में है, वैसा ही उसे मानना‑देखना‑समझना।
जैन धर्म में जैसे शब्द आते हैं:
- सम्यक दर्शन = सही / यथार्थ दर्शन (सही श्रद्धा, सही दृष्टि)
- सम्यक ज्ञान = सही / दोषरहित ज्ञान
- सम्यक चारित्र = सही / शुद्ध आचरण
अर्थात जहाँ मिथ्या, गलती, पक्षपात, अंधविश्वास, राग‑द्वेष से रहित होकर सत्य रूप को माना जाए, वहाँ “सम्यक” शब्द प्रयोग होता है।
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